।।श्री जीण भगवत्यै नमो:।।
श्री जीण शत-स्तोत्र

दोहा
सदा भवानी दाहिनी, सन्मुख रहे गणेश|
पाँच देव रक्षा करे, ब्रह्मा, विष्णु, महेश।।

जय-जय जीण माँ मंगल करनी। जय जय ज्वाला संकट हरनी।।
सती साध्वी दक्ष कुमारी। हे जग जननी शिव को प्यारी।।
दुर्गा-आर्या-जया त्रिलोचनी। भव- प्रीता जय-जय भवमोचनी।।
अन्नपूर्णा – सर्वव्यापिनी। सिंह_वाहिनी सब सुख दायिनी।।
नारायणि हे राज किशोरी। ऋद्धि- सिद्धि हे अम्बे गोरी।।
एन्द्री- केशी- अग्नि- मुक्ति। सर्व मंत्रमयी हो शक्ति।।
चेतन बुद्धि करने वाली। हर चिन्ता को हरने वाली।।
शुलेश्र्वरी भवानी मैया। मनोपिनाक धारणी मैया।।
परमेश्वरी माँ भद्रकाली। रूद्रमुखी भक्तन प्रतिपाली।।
पाटलवती – पाटला मैया। सत्यानन्द – स्वरूपिंणि मैया।।
प्रौढ़ा – महेश्वरी – महामाया। आदि मध्य अन्त ना पाया।।
महातपा हे मात विचित्रा। अष्ट भुजी हे वायु निद्रा।।
मानुष जन्म सवारिनि माँ। दक्ष यज्ञ विनाशिनि माँ।।
देवमात माया सुर सुन्दरी। विष्णु माया माँ जलोधरी।।
जय चण्डी जय काली मैया। निर्भय करने वाली मैया।।
शिवदूती हे नैना दाती। जय लक्ष्मी माँ भाग्य जगाती।।
कात्यायनी हे मात शीतला। पार्वती माँ गोद गीगला।।
कुष्मांडा पीताम्बर धारिणी। जीण जन्म दाता कुल तारिणी।।
कन्या कुमारी हे कल्याणी। रुद्राणी रक्षक ब्राह्मणी।।
चण्डमुण्ड नाशिनि मैया। महिषासुर को मारिनि मैया।।
मधुकैटभ संहारिनि मैया। सर्व अस्त्र धारिणी मैया।।
सर्व असुर विनाशिनी मैया। सर्व अनन्ता भाविनि भव्या।।
शस्त्र वेद की ज्ञाता मैया। कर्ताधर्ता हर्ता मैया।।
वैष्णवी मैया वाराही। शाकम्बरी मैया कहलायी।।
आदि शक्ति हे कमला रानी। जेहल मात माँ जीण भवानी।।
काजल शिखरी – भँवरा वाली। जगमात हो-शक्ति शाली।।
खप्पर धारिणी शेरां वाली। चामुण्डा माँ गिरिवर वाली।।
चन्द्र घण्टा हे महाकाली। जय माँ जीण जयन्ती आली।।

।।माँ जीण भवानी की जय।।