卐 जय श्री गणेशाय नमः 卐

॥ श्री जीण माता पूजन विधि ॥




सामान्य देवी पूजन की तरह ही जीण माता का भी पूजन होता है |इसके कुछ नियम हैं जो निचे लिखे गए हैं |




1. पूजा करने वाले पुजारी को पूर्ण ब्रम्हचर्य का पालन करना होता है
2. माता की सुबह 4 बजे मंगल आरती , 8 बजे श्रृंगार के बाद आरती , शाम के 7 बजे  आरती की जाती है |
3. चन्द्र एवं सूर्य ग्रहण के समय भी आरती अपने समय पे ही होती है
4. माता का दरबार (पट) २४ घंटे खुला रहता है सिर्फ श्रृंगार के समय पर्दा लगाया जाता है |